उचित मूल्य की दुकान

1.       उचित मूल्य दुकान की स्थापना के लिए राज्य शासन द्वारा क्या मापदण्ड बनाया गया है ?

2.       क्या निजी व्यक्ति को दुकान आबंटित किया जा सकता है ?

3.       एक संस्था को अधिकतम कितनी दुकानें आबंटित की जा सकती है ?

4.       दुकान आबंटन हेतु आवेदन कहां करें ?

5.       क्या पंचायत में कोई भी एजेंसी दुकान चलाना चाह रही है तो अन्य पंचायत के संस्था को दुकान आबंटित किया जा सकता है ?

6.       क्या एक पंचायत में एक से अधिक दुकान हो सकती है ?

7.       क्या उचित मूल्य दुकान में अन्य गांव के व्यक्ति को विक्रेता बनाया जा सकता है?

8.       क्या महिला समूह द्वारा पुरूष व्यक्ति को विक्रेता रख सकता है ?

9.       उचित मूल्य दुकान संचालन करने के लिए समूह/संस्था को कितना पुराना होना चाहिए ?

10.      क्या बिना नोटिस दिए किसी दुकान को निरस्त किया जा सकता है ?

11.      दुकान निलंबित करने तथा निरस्त करने के क्या-क्या आधार होते हैं ?

12.      दुकान के निलंबन अथवा निरस्त होने पर संबंधित दुकान से संलग्न राशनकार्डधारियों को राशन सामाग्री कहां से उपलब्ध होगा ?

13.      राशन दुकानदार को अलग-अलग योजनाओं के राशन सामाग्री बेचने हेतु शासन द्वारा कितना-कितना कमीशन निर्धारित किया गया है ?

 

राशनकार्ड

1.       खाद्य विभाग की योजनाओं के लिए राशन सामाग्री प्राप्त करने हेतु कौन-कौन से राशनकार्ड जारी होते हैं ?

2.       बी.पी.एल. योजना का पीला राशनकार्ड किसे जारी किया जाता है ?

3.       अन्त्योदय अन्न योजना का लाल राशनकार्ड किसे जारी किया जाता है ?

4.       अन्नपूर्णा योजना का बैगनी राशनकार्ड किसे जारी किया जाता है ?

5.       मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के अंतर्गत केसरिया राशनकार्ड किसे जारी किया जाता है ?

6.       मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के अंतर्गत स्लेटी राशनकार्ड किसे जारी किया जाता है ?

7.       मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के अंतर्गत 10 किलो केसरिया राशनकार्ड किसे जारी किया जाता है ?

8.      राज्य की किन-किन विशेष पिछडी जनजातियों को कौन सी योजना का राशनकार्ड जारी किया जाता है ?

9.       बी.पी.एल. योजना के पीले रंग के राशनकार्डधारियों को प्रतिमाह राशन सामाग्री कितनी मात्रा में किस दर से प्रदाय किया जाता है ?

10.      अन्त्योदय अन्न योजना के लाल रंग के राशनकार्डधारियों को प्रतिमाह राशन सामाग्री कितनी मात्रा में किस दर से प्रदाय किया जाता है ?

11.      अन्नपूर्णा योजना के बैगनी रंग के राशनकार्डधारियों को प्रतिमाह राशन सामाग्री कितनी मात्रा में किस दर से प्रदाय किया जाता है ?

12.      मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के केसरिया रंग के राशनकार्डधारियों को प्रतिमाह राशन सामाग्री कितनी मात्रा में किस दर से प्रदाय किया जाता है ?

13.      मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के स्लेटी रंग के राशनकार्डधारियों को प्रतिमाह राशन सामाग्री कितनी मात्रा में किस दर से प्रदाय किया जाता है ?

14.      मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के 10 किलो केसरिया रंग के राशनकार्डधारियों को प्रतिमाह राशन सामाग्री कितनी मात्रा में किस दर से प्रदाय किया जाता है ?

15.      ए.पी.एल. योजना के सफेद रंग के राशनकार्डधारियों को प्रतिमाह राशन सामाग्री कितनी मात्रा में किस दर से प्रदाय किया जाता है ?

16.      ए.पी.एल. योजना का सफेद राशनकार्ड किसे जारी किया जाता है ?

17.      ए.पी.एल. राशनकार्ड बनवाने के लिए कहां आवेदन करें ?

18.      मेरे पिताजी के नाम से राशनकार्ड बना है उनका देहांत हो गया है, हम लोग चार भाई हैं किसके नाम से कार्ड बनेगा ?

19.      बी.पी.एल. सर्वे सूची में नाम होने के बावजूद राशनकार्ड नहीं बनने पर किसको आवेदन दें ?

20.     मेरा नाम इंटरनेट के राशनकार्ड सूची में है लेकिन कार्ड नहीं मिला है कहां आवेदन दें ?

21.      मेरे पास पूर्व में बी.पी.एल. योजना का राशनकार्ड था लेकिन अब नहीं बनाया गया है कहां ओवदन दूं ?

22.      पंचायत में बी.पी.एल. सर्वे सूची नहीं है तो मेरा नाम सूची में है या नहीं कहां देख सकता हूं?

23.      मैं गरीब आदमी हूं मेरे पास बी.पी.एल. राशनकार्ड नहीं है कहां आवेदन करूं ?

24.      अपात्र एवं गलत लोगों को जारी बी.पी.एल. योजना अथवा मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के राशनकार्ड निरस्त करने के लिए किसे सूचित किया जाए ?

मिट्टी तेल

1.       सार्वजनिक वितरण प्रणाली के मिट्टी तेल के उठाव एवं वितरण का कार्य कौन करते हैं ?

2.       राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के मिट्टी तेल के उठाव में वितरण हेतु कितने थोक डीलर, सेमी होलसेलर्स एवं हाकर कार्यरत हैं ?

3.       एक राशनकार्ड पर कितना लीटर मिट्टी तेल एक माह में मिलता है ?

4.       प्रति लीटर मिट्टी तेल का भाव कितना है ?

5.       मिट्टी तेल कहां-कहां से प्राप्त किया जा सकता है ?

6.       क्या मिट्टी तेल प्राप्त करने के लिए राशनकार्ड आवश्यक है ?

7.       मिट्टी तेल हॉकर्स नियुक्ति के लिए कहां आवेदन करें ?

8.       क्या नए हॉकर्स नियुक्ति में प्रतिबंध है ?

9.       जिसके नाम से केरोसिन हाकर लायसेंस बना है तो क्या उसी को मिट्टी तेल का उठाव एवं वितरण करना आवश्यक है ?

10.      क्या मिट्टी तेल हाकर किसी दूसरे व्यक्ति को केरोसिन उठाव एवं वितरण करने हेतु अधिकृत कर सकता है ?

राशन सामाग्री का आबंटन

1.       भारत सरकार से खाद्य विभाग की अलग-अलग योजनाओं में कितना खाद्यान्न, शक्कर, केरोसिन हर माह प्राप्त होता है ?

2.       भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ राज्य के लिए बी.पी.एल. परिवारों की संख्या निर्धारित की गई है ?

3.       केरोसिन का आबंटन उचित मूल्य दुकानों को किस आधार पर दिया जाता है ?

4.       उचित मूल्य दुकानों को खाद्यान्न, शक्कर, अमृत नमक का आबंटन कौन देता है ?

5.       उचित मूल्य दुकानों को खाद्यान्न, शक्कर एवं अमृत नमक का आबंटन किस आधार पर दिया जाता है ।

6.       उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न परिवहन करके कौन पहुंचाता है ?

7.       सार्वजनिक वितरण प्रणाली योजना में सामाग्री के हेरा-फेरी करने पर न्यायालय द्वारा कितना दण्ड दिया जा सकता है ?

8.       उचित मूल्य दुकान से रात में ड्रम से वाहन वालों को तेल बेचा जाता है कहां शिकायत करें ?

9.       दुकान में गडबडी हो रही है शिकायत कहां करें ?

10.      समय पर दुकान नहीं खुलता है शिकायत कहां करें ?

11.      कम मात्रा में खाद्यान्न/केरोसिन देता है और अधिक दाम लेता है शिकायत कहां करें ?

12.      अवैध रूप से चावल/मिट्टी तेल बेचते गांव वाले पकडे हैं किसको सूचना दें ?

13.      उचित मूल्य दुकान की शिकायत की जांच किया गया जांच में अनियमितता पाई गई क्या कार्यवाही की गई जानकारी कहां मिलेगी ?

14.      हमारे दुकान को निरस्त कर दिया गया है अपील करना है कहां अपील करें ?

15.      खाद्य विभाग के काल सेंटर का नंबर क्या है ?

16.      खाद्य विभाग के काल सेंटर से क्या-क्या सुविधाएं दी जाती है ?

17.      खाद्य विभाग की जनभागीदारी वेबसाईट से क्या-क्या जानकारी प्राप्त हो सकती है ?

 

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी

1.       शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए मोटा एवं पतला धान के लिए कितना-कितना दर निर्धारित किया गया है ?

2.       धान बेचने के लिए दूर जाना पडता है नजदीक में केन्द्र खोला जाए ?

3.       समिति द्वारा धान घर से लाने के लिए बारदाना नहीं दिया जाता है ?

4.       कौन सा धान पतला या मोटा है ये कैसे एवं कौन तय करता है ?

5.       धान को समिति वाले साफ नहीं है बताकर वापस कर देते हैं ?

6.       क्या विक्रय धान की राशि का तुरन्त भुगतान किया जा सकता है ।

7.       विक्रय किए गए धान का कितने रूपए तक चेक द्वारा एवं कितने रूपए तक नगद भुगतान किया जाता है ?

8.       क्या समिति क्षेत्र के गांव से अन्य क्षेत्र के समिति में धान का विक्रय नहीं किया जा सकता ?

9.       खरीदी केन्द्र से धान का उठाव नहीं होने से धान खरीदी बंद कर दिया है ?

10.      समिति में बाट नहीं होने से पत्थर रखा जाता है ?

11.      कांटा-बांट का नाप तौल विभाग से नवीनीकरण नहीं कराया गया है ?

 

सार्वजनिक वितरण प्रणाली हेतु गठित निगरानी समिति

1.       सार्वजनिक वितरण प्रणाली में नियंत्रण रखने हेतु कितने स्तर पर निगरानी समिति का गठन किया गया है ?

2.       जिला स्तर पर गठित निगरानी समिति में कौन-कौन अध्यक्ष एवं सदस्य होते हैं?

3.       जिला स्तरीय निगरानी समिति का बैठक कब-कब होता है ?

4.       जिला स्तरीय निगरानी समिति के क्या-क्या कार्य हैं ?

5.       विकासखण्ड स्तर पर गठित निगरानी समिति में कौन-कौन अध्यक्ष एवं सदस्य होते हैं ?

6.       विकासखण्ड स्तरीय निगरानी समिति की बैठक कब-कब होती है ?

7.       विकासखण्ड स्तरीय निगरानी समिति के क्या-क्या कार्य हैं ?

8.       उचित मूल्य दुकान स्तर पर गठित निगरानी समिति में कौन-कौन अध्यक्ष एवं सदस्य होते हैं ?

9.       उचित मूल्य दुकान स्तरीय निगरानी समिति का बैठक कब-कब होता है ?

10.      उचित मूल्य दुकान स्तरीय निगरानी समिति के क्या-क्या कार्य हैं ?

11.      निगरानी समितियों के नामांकित सदस्यों के नाम की सूची किसके द्वारा भेजा जाता है ?

12.      निगरानी समितियों की बैठक कौन बुलाता है ?

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

उचित मूल्य की दुकान

1.       उचित मूल्य दुकान की स्थापना के लिए राज्य शासन द्वारा क्या मापदण्ड बनाया गया है ?

उत्तर-    ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत को इकाई माना गया है तथा शहरी क्षेत्रों में 1000 राशनकार्डों, जिसमें से कम से कम 400 राशनकार्ड गरीबी रेखा के हो, के आधार पर उचित मूल्य दुकान स्थापना का लक्ष्य रखा गया है । साथ ही उपभोक्ताओं को राशन सामाग्री प्राप्त करने में 3 किलो मीटर से अधिक चलना न पडे इसका ध्यान भी दुकानों की स्थापना के लिए रखा गया है ।

2.       क्या निजी व्यक्ति को दुकान आबंटित किया जा सकता है ?

उत्तर-    जी नहीं, छत्तीसगढ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2004 के प्रावधान के अनुसार उचित मूल्य की दुकान मात्र ग्राम पंचायत, प्राथमिक कृषि साख समितियों, लेम्पस, महिला स्व सहायता समूह, अन्य सहकारी समिति एवं वन सुरक्षा समितियों को आबंटित की जा सकती है ।

3.       एक संस्था को अधिकतम कितनी दुकानें आबंटित की जा सकती है ?

उत्तर-    एक संस्था को अधिकतम 03 उचित मूल्य दुकानें आबंटित की जा सकती है ।

4.       दुकान आबंटन हेतु आवेदन कहां करें ?                                                                 

उत्तर-    शहरी क्षेत्रों में जिला खाद्य कार्यालय तथा ग्रामीण क्षेत्रों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के कार्यालय में राशन दुकान के आबंटन हेतु आवेदन कर सकते हैं ।

5.       क्या पंचायत में कोई भी एजेंसी दुकान चलाना चाह रही है तो अन्य पंचायत के संस्था को दुकान आबंटित किया जा सकता है ?

उत्तर-    छत्तीसगढ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2004 के प्रावधान के अनुसार दुकान का आबंटन एजेंसी की राशन सामाग्री के उठाव एवं वितरण की सक्षमता आदि को ध्यान में रखते हुए आबंटन अधिकारी द्वारा किया जाता है ।

6.       क्या एक पंचायत में एक से अधिक दुकान हो सकती है ?

उत्तर-    जी हां, राशनकार्डधारियों की संख्या एवं सुविधाओं को देखते हुए एक ग्राम पंचायत में एक से अधिक दुकानें खोली जा सकती है ।

7.       क्या उचित मूल्य दुकान में अन्य गांव के व्यक्ति को विक्रेता बनाया जा सकता है?

उत्तर-    उचित मूल्य दुकान का विक्रेता उसी गांव का ही हो, इस संबंध में प्रतिबंध नहीं लगाया गया है ।

8.       क्या महिला समूह द्वारा पुरूष व्यक्ति को विक्रेता रख सकता है ?

उत्तर-    दुकान संचालन के लिए महिला स्व सहायता समूह अपनी सुविधानुसार महिला अथवा पुरूष को विक्रेता रख सकता है ।

9.       उचित मूल्य दुकान संचालन करने के लिए समूह/संस्था को कितना पुराना होना चाहिए ?

उत्तर-    राशन दुकान आबंटन के लिए समूह/संस्था की आर्थिक स्थिति तथा राशनकार्डधारियों को नियमित रूप से राशन सामाग्री उपलब्ध कराने की सक्षमता पर निर्भर करता है, अत: समूह अथवा संस्था के नए अथवा पुराने होने का दुकान के आबंटन से कोई संबंध नहीं है ।  

10.      क्या बिना नोटिस दिए किसी दुकान को निरस्त किया जा सकता है ?                                                                       

उत्तर-    जी नहीं, बिना नोटिस दिए राशन दुकान एजेंसी को निलंबित नहीं किया जा सकता ।

11.      दुकान निलंबित करने तथा निरस्त करने के क्या-क्या आधार होते हैं ?

उत्तर-    सामान्यत: किसी राशन दुकान में गडबडी पाए जाने पर दुकान को तत्काल निलंबित किया जा सकता है तथा जांच पूर्ण होने के उपरांत आरोप प्रमाणित होने पर दुकान निरस्त कर दी जाती है ।

12.      दुकान के निलंबन अथवा निरस्त होने पर संबंधित दुकान से संलग्न राशनकार्डधारियों को राशन सामाग्री कहां से उपलब्ध होगा ?

उत्तर-    विभाग द्वारा दुकान को निलंबित अथवा निरस्त करने के साथ-साथ राशनकार्डधारियों को पास की अन्य राशन दुकान से संलग्न कर दिया जाता है, जिससे वे राशन सामाग्री प्राप्त कर सकते हैं ।

13.      राशन दुकानदार को अलग-अलग योजनाओं के राशन सामाग्री बेचने हेतु शासन द्वारा कितना-कितना कमीशन निर्धारित किया गया है ?

उत्तर-    सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के चावल एवं गेहूं के विक्रय हेतु राज्य शासन द्वारा राशन दुकान के लिए 30 रूपए प्रति क्विंटल का कमीशन निर्धारित है । शक्कर के वितरण हेतु 5.23 रूपए प्रति क्विंटल, अमृत नमक के वितरण हेतु 10 रूपए प्रति क्विंटल एवं केरोसिन के वितरण हेतु 181 रूपए प्रति हजार लीटर कमीशन राज्य शासन द्वारा निर्धारित किया गया है ।

 

                                                                                                                                                                                                        

राशनकार्ड

1.       खाद्य विभाग की योजनाओं के लिए राशन सामाग्री प्राप्त करने हेतु कौन-कौन से राशनकार्ड जारी होते हैं ?

उत्तर-    खाद्य विभाग की विभिन्न योजनाओं में ए.पी.एल. योजना के लिए सफेद राशनकार्ड, बी.पी.एल. योजना के लिए पीला राशनकार्ड, अन्त्योदय अन्न योजना के लिए लाल राशनकार्ड, अन्नूपर्णा योजना के लिए बैगनी राशनकार्ड, मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के अंतर्गत केसरिया, केसरिया 10 किलो एवं स्लेटी राशनकार्ड जारी किए जाते हैं ।

2.       बी.पी.एल. योजना का पीला राशनकार्ड किसे जारी किया जाता है ?

उत्तर-    वर्ष 2002 की गरीबी रेखा की सर्वे सूची में शामिल सामान्य वर्ग एवं अन्य पिछडा वर्ग के परिवारों को बी.पी.एल. योजना का पीला राशनकार्ड जारी किया जाता है ।

3.       अन्त्योदय अन्न योजना का लाल राशनकार्ड किसे जारी किया जाता है ?

उत्तर-    राज्य सरकार द्वारा गरीबों में भी अति गरीब परिवारों का चिन्हांकन करके उन्हें अन्त्योदय अन्न योजना का लाल राशनकार्ड जारी किया जाता है ।

4.       अन्नपूर्णा योजना का बैगनी राशनकार्ड किसे जारी किया जाता है ?

उत्तर-    65 वर्ष की आयु से अधिक उम्र के वृद्ध एवं निराश्रित व्यक्ति जो राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए पात्र हैं किन्तु जिन्हें भारत सरकार द्वारा पेंशन नहीं दी जा रही है, उन्हें अन्नपूर्णा योजना का बैगनी राशनकार्ड जारी किया जाता है ।

5.       मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के अंतर्गत केसरिया राशनकार्ड किसे जारी किया जाता है ?

उत्तर-    वर्ष 1991 तथा वर्ष 1997 की गरीबी रेखा की सर्वे सूची में शामिल सामान्य वर्ग एवं अन्य पिछडा वर्ग के ऐसे राशनकार्डधारी परिवार, जिनके नाम वर्ष 2002 की गरीबी रेखा की सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना का केसरिया राशनकार्ड जारी किया जाता है ।

6.       मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के अंतर्गत स्लेटी राशनकार्ड किसे जारी किया जाता है ?

उत्तर-    वर्ष 1991, वर्ष 1997 एवं वर्ष 2002 की गरीबी रेखा की सर्वे सूची में शामिल अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के ऐसे राशनकार्डधारी परिवार, जिन्हें अन्त्योदय अन्न योजना का राशनकार्ड जारी न हुआ हो, उन्हें मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना का स्लेटी राशनकार्ड जारी किया जाता है ।

7.       मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के अंतर्गत 10 किलो केसरिया राशनकार्ड किसे जारी किया जाता है ?

उत्तर-    राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के ऐसे हितग्राही, जिन्हें बी.पी.एल., अन्त्योदय अन्न योजना एवं अन्नपूर्णा योजना के राशनकार्ड जारी नहीं हुए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना का 10 किलो केसरिया राशनकार्ड जारी किया जाता है ।

8.       राज्य की किन-किन विशेष पिछडी जनजातियों को कौन सी योजना का राशनकार्ड जारी किया जाता है ?

उत्तर-    भारत सरकार द्वारा मान्य राज्य की 05 विशेष पिछडी जनजातियों - बैगा, बिरहोर, पहाडी कोरवा, कमार एवं अबुझमाडिया के सभी परिवार जो अन्त्योदय अन्न योजना का लाल राशनकार्डधारी नहीं हैं, उन्हें मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के अंतर्गत स्लेटी राशनकार्ड जारी किया जाता है ।

9.       बी.पी.एल. योजना के पीले रंग के राशनकार्डधारियों को प्रतिमाह राशन सामाग्री कितनी मात्रा में किस दर से प्रदाय किया जाता है ?

उत्तर-    बी.पी.एल. योजना के पीले रंग के राशनकार्डधारियों को गेहूं एवं चावल मिलाकर

35 किलो खाद्यान्न, 1.30 किलो शक्कर, 2 किलो अमृत नमक एवं 3.85 लीटर केरोसिन प्राप्त करने की पात्रता है । गेहूं रूपए 4.75 प्रति किलो, चावल 3.00 रूपए प्रति किलो, शक्कर 13.50 रूपए प्रति किलो, अमृत नमक 25 पैसे प्रति किलो एवं केरोसिन जिले के लिए कलेक्टर द्वारा निर्धारित दर पर प्रदाय किया जाता है ।

10.      अन्त्योदय अन्न योजना के लाल रंग के राशनकार्डधारियों को प्रतिमाह राशन सामाग्री कितनी मात्रा में किस दर से प्रदाय किया जाता है ?

उत्तर-    अन्त्योदय अन्न योजना के लाल रंग के राशनकार्डधारियों को 35 किलो चावल  1.30 किलो शक्कर, 2 किलो अमृत नमक एवं 3.85 लीटर केरोसिन प्राप्त करने की पात्रता है । चावल 3.00 रूपए प्रति किलो, शक्कर 13.50 रूपए प्रति किलो, अमृत नमक 25 पैसे प्रति किलो एवं केरोसिन जिले के लिए कलेक्टर द्वारा निर्धारित दर पर प्रदाय किया जाता है ।

11.      अन्नपूर्णा योजना के बैगनी रंग के राशनकार्डधारियों को प्रतिमाह राशन सामाग्री कितनी मात्रा में किस दर से प्रदाय किया जाता है ?

उत्तर-    अन्नपूर्णा योजना के बैगनी रंग के राशनकार्डधारियों को 10 किलो चावल, 1.30 किलो शक्कर, 2 किलो अमृत नमक एवं 3.85 लीटर केरोसिन प्राप्त करने की पात्रता है । चावल नि:शुल्क, शक्कर 13.50 रूपए प्रति किलो, अमृत नमक 25 पैसे प्रति किलो एवं केरोसिन जिले के लिए कलेक्टर द्वारा निर्धारित दर पर प्रदाय किया जाता है ।

12.      मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के केसरिया रंग के राशनकार्डधारियों को प्रतिमाह राशन सामाग्री कितनी मात्रा में किस दर से प्रदाय किया जाता है ?

उत्तर-    मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के केसरिया रंग के राशनकार्डधारियों को 35 किलो चावल, 1.30 किलो शक्कर, 2 किलो अमृत नमक एवं 3.85 लीटर केरोसिन प्राप्त करने की पात्रता है । चावल 3.00 रूपए प्रति किलो, शक्कर 13.50 रूपए प्रति किलो, अमृत नमक 25 पैसे प्रति किलो एवं केरोसिन जिले के लिए कलेक्टर द्वारा निर्धारित दर पर प्रदाय किया जाता है ।

                                                                                                                                                                                                        

13.      मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के स्लेटी रंग के राशनकार्डधारियों को प्रतिमाह राशन सामाग्री कितनी मात्रा में किस दर से प्रदाय किया जाता है ?

उत्तर-    मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के स्लेटी रंग के राशनकार्डधारियों को 35 किलो चावल, 1.30 किलो शक्कर, 2 किलो अमृत नमक एवं 3.85 लीटर केरोसिन प्राप्त करने की पात्रता है । चावल 3.00 रूपए प्रति किलो, शक्कर 13.50 रूपए प्रति किलो, अमृत नमक 25 पैसे प्रति किलो एवं केरोसिन जिले के लिए कलेक्टर द्वारा निर्धारित दर पर प्रदाय किया जाता है ।

14.      मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के 10 किलो केसरिया रंग के राशनकार्डधारियों को प्रतिमाह राशन सामाग्री कितनी मात्रा में किस दर से प्रदाय किया जाता है ?

उत्तर-    मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के 10 किलो केसरिया रंग के राशनकार्डधारियों को 10 किलो चावल, 1.30 किलो शक्कर, 2 किलो अमृत नमक एवं 3.85 लीटर केरोसिन प्राप्त करने की पात्रता है । चावल 3.00 रूपए प्रति किलो, शक्कर 13.50 रूपए प्रति किलो, अमृत नमक 25 पैसे प्रति किलो एवं केरोसिन जिले के लिए कलेक्टर द्वारा निर्धारित दर पर प्रदाय किया जाता है ।

15.      ए.पी.एल. योजना के सफेद रंग के राशनकार्डधारियों को प्रतिमाह राशन सामाग्री कितनी मात्रा में किस दर से प्रदाय किया जाता है ?

उत्तर-    ए.पी.एल. योजना के सफेद रंग के राशनकार्डधारियों को हर माह गेहूं एवं चावल मिलाकर 35 किलो खाद्यान्न एवं 3.85 लीटर केरोसिन प्राप्त करने की पात्रता है । गेहूं रूपए 6.81 प्रति किलो, चावल 9.04 रूपए प्रति किलो, एवं केरोसिन जिले के लिए कलेक्टर द्वारा निर्धारित दर पर प्रदाय किया जाता है ।

16.      ए.पी.एल. योजना का सफेद राशनकार्ड किसे जारी किया जाता है ?

उत्तर-    गरीबी रेखा के ऊपर के राज्य में निवासरत कोई भी परिवार ए.पी.एल. योजना का राशनकार्ड प्राप्त कर सकता है ।

17.      ए.पी.एल. राशनकार्ड बनवाने के लिए कहां आवेदन करें ?

उत्तर-    ए.पी.एल. राशनकार्ड बनवाने के लिए शहरी क्षेत्र के लिए नगर पालिक कार्यालय एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिए ग्राम पंचायत में आवेदन कर सकते हैं ।

18.      मेरे पिताजी के नाम से राशनकार्ड बना है उनका देहांत हो गया है, हम लोग चार भाई हैं किसके नाम से कार्ड बनेगा ?

उत्तर-    यदि माताजी जीवित हैं तो राशनकार्ड उनके नाम से बनेगा, परिवार के किसी सदस्य के नाम राशनकार्ड हस्तांरित नहीं हो सकता है ।

19.      बी.पी.एल. सर्वे सूची में नाम होने के बावजूद राशनकार्ड नहीं बनने पर किसको आवेदन दें ?                                   

उत्तर-    आप सुविधानुसार जिला खाद्य कार्यालय अथवा तहसीलदार के कार्यालय में आवेदन दिया जाता सकता है ।

20.     मेरा नाम इंटरनेट के राशनकार्ड सूची में है लेकिन कार्ड नहीं मिला है कहां आवेदन दें ?

उत्तर-    आप सुविधानुसार जिला खाद्य कार्यालय अथवा तहसीलदार के कार्यालय में आवेदन दिया जाता सकता है ।

21.      मेरे पास पूर्व में बी.पी.एल. योजना का राशनकार्ड था लेकिन अब नहीं बनाया गया है कहां ओवदन दूं ?

उत्तर-    यदि आपके पास पूर्व में बी.पी.एल. योजना का राशनकार्ड था पर अभी नहीं बना है तो सुविधानुसार जिला खाद्य कार्यालय अथवा तहसीलदार के कार्यालय में आवेदन दे सकते हैं ।

22.      पंचायत में बी.पी.एल. सर्वे सूची नहीं है तो मेरा नाम सूची में है या नहीं कहां देख सकता हूं?

उत्तर-    यदि पंचायत में बी.पी.एल. सर्वे सूची नहीं है तो जनपद पंचायत या जिला पंचायत कार्यालय से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं ।

23.      मैं गरीब आदमी हूं मेरे पास बी.पी.एल. राशनकार्ड नहीं है कहां आवेदन करूं ?

उत्तर-    यदि आपका नाम वर्ष 2002 की बी.पी.एल. सर्वे सूची में शामिल है अथवा वर्ष 1991 एवं वर्ष 1997 की सर्वे सूची में शामिल है तथा पूर्व में आपके पास बी.पी.एल. योजना का कार्ड था तो आप जिला खाद्य कार्यालय अथवा तहसीलदार के कार्यालय में आवेदन दे सकते हैं ।

24.      अपात्र एवं गलत लोगों को जारी बी.पी.एल. योजना अथवा मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के राशनकार्ड निरस्त करने के लिए किसे सूचित किया जाए ?

उत्तर-    आप सुविधानुसार जिला खाद्य कार्यालय अथवा तहसीलदार के कार्यालय में सूचित किया जाता सकता है या विभाग के काल सेंटर के टेलीफोन नंबर 3663 में सूचित किया जा सकता है ।

                                                                                                                                                                                                         

मिट्टी तेल

1.       सार्वजनिक वितरण प्रणाली के मिट्टी तेल के उठाव एवं वितरण का कार्य कौन करते हैं ?

उत्तर-    राज्य में आयल कंपनियों के 7 डिपो हैं, जहां से थोक डीलरों द्वारा मिट्टी तेल का उठाव कर राशनकार्डधारी को वितरण करने के लिए सेमी होलसेलर्स, उचित मूल्य दुकान एवं हाकर्स को उपलब्ध कराया जाता है ।

2.       राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के मिट्टी तेल के उठाव में वितरण हेतु कितने थोक डीलर, सेमी होलसेलर्स एवं हाकर कार्यरत हैं ?

उत्तर-    वर्तमान में राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के मिट्टी तेल के वितरण हेतु 97 थोक डीलर, 74 सेमी होलसेलर्स एवं 1647 हाकर कार्यरत हैं ।

3.       एक राशनकार्ड पर कितना लीटर मिट्टी तेल एक माह में मिलता है ?

उत्तर-    एक राशनकार्डधारी को हर माह 3.85 लीटर मिट्टी तेल प्राप्त करने की पात्रता है ।

4.       प्रति लीटर मिट्टी तेल का भाव कितना है ?

उत्तर-    मिट्टी तेल की उपभोक्ता दर पूरे राज्य के लिए एक नहीं है, आयल डिपो से दूरी के आधार पर इसकी उपभोक्ता निर्धारित होती है, अत: हर जिले में कलेक्टर द्वारा निर्धारित दर पर इसका वितरण किया जाता है । सामान्यत: छत्तीसगढ राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के मिट्टी तेल की उपभोक्ता दर अलग-अलग जिलों में 8.94 रूपए प्रति लीटर से लेकर 9.95 रूपए प्रति लीटर है ।

5.       मिट्टी तेल कहां-कहां से प्राप्त किया जा सकता है ?

उत्तर-    मिट्टी तेल शासकीय उचित मूल्य दुकानों एवं शहरी क्षेत्र में उचित मूल्य दुकान एवं हाकर से मिट्टी तेल प्राप्त किया जा सकता है ।

6.       क्या मिट्टी तेल प्राप्त करने के लिए राशनकार्ड आवश्यक है ?

उत्तर-    जी हां, बिना राशनकार्ड के मिट्टी तेल प्राप्त नहीं किया जा सकता है ।

7.       मिट्टी तेल हॉकर्स नियुक्ति के लिए कहां आवेदन करें ?

उत्तर-    जिला कार्यालय खाद्य शाखा में आवेदन कर सकते हैं ।          

8.       क्या नए हॉकर्स नियुक्ति में प्रतिबंध है ?                                                                                                                   

उत्तर-    मृतक हाकर के परिवार को छोडकर अन्य किसी को सामान्यत: नए हाकर नहीं नियुक्त किए जाने के राज्य शासन के निर्देश हैं ।

9.       जिसके नाम से केरोसिन हाकर लायसेंस बना है तो क्या उसी को मिट्टी तेल का उठाव एवं वितरण करना आवश्यक है ?

उत्तर-    जी हां, जिनके नाम से लायसेंस स्वीकृत हुआ है केवल वही व्यक्ति मिट्टी तेल का उठाव एवं वितरण कर सकता है ।

10.      क्या मिट्टी तेल हाकर किसी दूसरे व्यक्ति को केरोसिन उठाव एवं वितरण करने हेतु अधिकृत कर सकता है ?

उत्तर-    जी नहीं, किसी अन्य को अधिकृत नहीं कर सकता है । 

                                                                                                                                                                                                            

राशन सामाग्री का आबंटन

1.       भारत सरकार से खाद्य विभाग की अलग-अलग योजनाओं में कितना खाद्यान्न, शक्कर, केरोसिन हर माह प्राप्त होता है ?

उत्तर-    भारत सरकार से छत्तीसगढ राज्य को हर माह बी.पी.एल. योजना के लिए 37864 मेट्रिक टन चावल, 2610 मेट्रिक टन गेहूं, ए.पी.एल. योजना के लिए मात्र 3844 मेट्रिक टन चावल, अन्त्योदय अन्न योजना के लिए 25162 मेट्रिक टन चावल, अन्नपूर्णा योजना के लिए 266.66 मेट्रिक टन चावल, कल्याणकारी संस्थाओं के लिए 1900 मेट्रिक टन चावल तथा 100 मेट्रिक टन गेहूं प्राप्त होता है । राज्य के लिए हर माह शक्कर का सामान्य आबंटन 4512 मेट्रिक टन है तथा हर माह 15735 किलोलीटर केरोसिन का आबंटन प्राप्त होता है ।

2.       भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ राज्य के लिए बी.पी.एल. परिवारों की संख्या निर्धारित की गई है ?

उत्तर-    भारत सरकार द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के बी.पी.एल. एवं अन्त्योदय अन्न योजना के अंतर्गत राशन सामाग्री के आबंटन हेतु राज्य के लिए बी.पी.एल. परिवारों की संख्या 18.75 लाख निर्धारित की गई है, जिसमें 7.189 लाख अति गरीब अन्त्योदय परिवार भी शामिल हैं ।

3.       केरोसिन का आबंटन उचित मूल्य दुकानों को किस आधार पर दिया जाता है ?

उत्तर-    उचित मूल्य दुकान में संलग्न राशनकार्डों के आधार पर दिया जाता है ।

4.       उचित मूल्य दुकानों को खाद्यान्न, शक्कर, अमृत नमक का आबंटन कौन देता है ?

उत्तर-    उचित मूल्य दुकानों को खाद्यान्न, शक्कर, अमृत नमक का आबंटन राज्य शासन द्वारा दिया जाता है ।

5.       उचित मूल्य दुकानों को खाद्यान्न, शक्कर एवं अमृत नमक का आबंटन किस आधार पर दिया जाता है ।

उत्तर-    उचित मूल्य दुकानों को खाद्यान्न, शक्कर एवं अमृत नमक का आबंटन दुकान में संलग्न राशनकार्ड के आधार पर दिया जाता है ।

6.       उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न परिवहन करके कौन पहुंचाता है ?

उत्तर-    उचित मूल्य दुकानों तक नागरिक आपूर्ति निगम के परिवहनकर्ता द्वारा पहुंचाया जाता है।

7.       सार्वजनिक वितरण प्रणाली योजना में सामाग्री के हेरा-फेरी करने पर न्यायालय द्वारा कितना दण्ड दिया जा सकता है ?

उत्तर-    सार्वजनिक वितरण प्रणाली योजना में सामाग्री के हेरा-फेरी करने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत 3 माह से लेकर 6 साल तक की सजा न्यायालय द्वारा दी जा सकती है ।

8.       उचित मूल्य दुकान से रात में ड्रम से वाहन वालों को तेल बेचा जाता है कहां शिकायत करें ?                                   

उत्तर-    दुकान स्तर पर गठित निगरानी समिति, जिला खाद्य कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय, तहसीलदार कार्यालय के साथ-साथ विभाग के काल सेंटर के दूरभाष क्रमांक 3663 में भी की जा सकती है ।

9.       दुकान में गडबडी हो रही है शिकायत कहां करें ?

उत्तर-    दुकान स्तर पर गठित निगरानी समिति, जिला खाद्य कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय, तहसीलदार कार्यालय के साथ-साथ विभाग के काल सेंटर के दूरभाष क्रमांक 3663 में भी की जा सकती है ।

10.      समय पर दुकान नहीं खुलता है शिकायत कहां करें ?

उत्तर-    दुकान स्तर पर गठित निगरानी समिति, जिला खाद्य कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय, तहसीलदार कार्यालय के साथ-साथ विभाग के काल सेंटर के दूरभाष क्रमांक 3663 में भी की जा सकती है ।

11.      कम मात्रा में खाद्यान्न/केरोसिन देता है और अधिक दाम लेता है शिकायत कहां करें ?

उत्तर-    दुकान स्तर पर गठित निगरानी समिति, जिला खाद्य कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय, तहसीलदार कार्यालय के साथ-साथ विभाग के काल सेंटर के दूरभाष क्रमांक 3663 में भी की जा सकती है ।

12.      अवैध रूप से चावल/मिट्टी तेल बेचते गांव वाले पकडे हैं किसको सूचना दें ?

उत्तर-    दुकान स्तर पर गठित निगरानी समिति, जिला खाद्य कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय, तहसीलदार कार्यालय के साथ-साथ विभाग के काल सेंटर के दूरभाष क्रमांक 3663 में भी की जा सकती है ।

13.      उचित मूल्य दुकान की शिकायत की जांच किया गया जांच में अनियमितता पाई गई क्या कार्यवाही की गई जानकारी कहां मिलेगी ?

उत्तर-    विभाग के काल सेंटर के दूरभाष क्रमांक 3663 तथा जिला खाद्य कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय, तहसीलदार कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है ।

14.      हमारे दुकान को निरस्त कर दिया गया है अपील करना है कहां अपील करें ?                                                           

उत्तर-    आपके जिले के कलेक्टर के यहां दुकान निरस्त करने के आदेश के दिनांक से 30 दिनों के भीतर अपील कर सकते हैं ।

15.      खाद्य विभाग के काल सेंटर का नंबर क्या है ?

उत्तर-    खाद्य विभाग के काल सेंटर का नंबर 3663 है तथा यह एक टोल फ्री लाईन है, जिसमें फोन करने से आपको कोई भुगतान करना नहीं होता है ।

16.      खाद्य विभाग के काल सेंटर से क्या-क्या सुविधाएं दी जाती है ?

उत्तर-    खाद्य विभाग की समस्त गतिविधियों की जानकारी के साथ-साथ कोई भी नागरिक इसमें खाद्य विभाग से संबंधित शिकायत एवं सुझाव दे सकता है ? 

17.      खाद्य विभाग की जनभागीदारी वेबसाईट से क्या-क्या जानकारी प्राप्त हो सकती है ?

उत्तर-    खाद्य विभाग की जनभागीदारी वेबसाईट में कोई भी नागरिक नि:शुल्क पंजीयन कराकर खाद्य विभाग की योजनाओं की जानकारी के साथ-साथ शिकायत एवं सुझाव दे सकता है । साथ ही अपना मोबाईल नंबर अथवा ई-मेल आईडी दर्ज कराकर राज्य की किसी भी राशन दुकान को प्रदाय राशन सामाग्री की जानकारी प्राप्त कर सकता है । नागरिक आपूर्ति निगम के प्रदाय केन्द्र से किसी भी दुकान के लिए राशन सामाग्री प्रदाय करने हेतु ट्रक चालान जारी होते ही नागरिक को दर्ज कराए गए मोबाईल नंबर अथवा ई-मेल पर दुकान को प्रदाय खाद्यान्न, शक्कर, नमक की मात्रा के साथ-साथ ट्रक क्रमांक की जानकारी दिनांक एवं समय सहित एस.एम.एस. अथवा ई-मेल के माध्यम से उपलब्ध हो जाएगी ।

                                                                                                                                                                                                            

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी

1.       शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए मोटा एवं पतला धान के लिए कितना-कितना दर निर्धारित किया गया है ?

उत्तर-    शासन द्वारा वर्ष 2009-10 में मोटा धान का कीमत 950 एवं पतला धान का कीमत 980 रूपए निर्धारित किया गया है, इसके अतिरिक्त 50 रूपए प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जा रहा है ।

2.       धान बेचने के लिए दूर जाना पडता है नजदीक में केन्द्र खोला जाए ?

उत्तर-    धान खरीदी केन्द्र खोलने के लिए जिले के कलेक्टर सक्षम होते हैं, अत: जिला खाद्य कार्यालय में आवेदन दे सकते हैं ।

3.       समिति द्वारा धान घर से लाने के लिए बारदाना नहीं दिया जाता है ?

उत्तर-    किसी भी कृषक को घर से धान लाने के लिए शासकीय बारदाना को कृषकों को देना शासन द्वारा प्रतिबंधित है ।

4.       कौन सा धान पतला या मोटा है ये कैसे एवं कौन तय करता है ?

उत्तर-    भारत सरकार द्वारा चावल के दाने की लंबाई एवं चौडाई के आधार पर मोटा एवं पतला धान के निर्धारण हेतु मापदण्ड तय किए गए हैं, जिसके आधार पर ही धान के मोटा एवं पतला होने का वर्गीकरण भारतीय खाद्य निगम, मार्कफेड एवं समिति के अधिकारियों तथा कर्मचारियों द्वारा किया जाता है ।

5.       धान को समिति वाले साफ नहीं है बताकर वापस कर देते हैं ?

उत्तर-    धान को विक्रय हेतु समिति में ले जाने से पूर्व अच्छी तरह से साफ करें । यदि उसके बाद भी लेने से मना करता है तो धान खरीदी समिति स्तर पर गठित निगरानी समिति को शिकायत कर सकते हैं ।

6.       क्या विक्रय धान की राशि का तुरन्त भुगतान किया जा सकता है ।

उत्तर-    विक्रय धान की राशि किसानों को तुरन्त चेक एवं नगद दिया जा सकता है ।

7.       विक्रय किए गए धान का कितने रूपए तक चेक द्वारा एवं कितने रूपए तक नगद भुगतान किया जाता है ?      

उत्तर-    सभी जिलों में कृषकों को धान का भुगतान  क्रास चेक के माध्यम से किया जाता है । बस्तर, दंतेवाडा एवं कांकेर जिले में उपार्जन केन्द्र द्वारा बाजार खरीदी की जाती है,जिसकी अधिकतम सीमा प्रति व्यक्ति 1 क्वि. है व इसका भुगतान नगद किया जाता है ।

8.       क्या समिति क्षेत्र के गांव से अन्य क्षेत्र के समिति में धान का विक्रय नहीं किया जा सकता ?

उत्तर-       जी नहीं, कृषक को उसी क्षेत्र के अंतर्गत समिति में धान का विक्रय किया जाना है, जिस समिति के क्षेत्र में उसका गांव आता है ।

9.       खरीदी केन्द्र से धान का उठाव नहीं होने से धान खरीदी बंद कर दिया है ?

उत्तर-    यदि ऐसी स्थिति होने पर तत्काल जिला खाद्य कार्यालय, जिला विपणन अधिकारी एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक में सूचित करें या टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 में फोन करें

10.      समिति में बाट नहीं होने से पत्थर रखा जाता है ?

उत्तर-    ऐसी स्थिति में तत्काल जिला खाद्य कार्यालय, जिला विपणन अधिकारी एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक में सूचित करें या टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 में फोन करें

11.      कांटा-बांट का नाप तौल विभाग से नवीनीकरण नहीं कराया गया है ?

उत्तर-    ऐसी स्थिति में तत्काल जिला खाद्य कार्यालय, जिला विपणन अधिकारी एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक में सूचित करें या टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 में फोन करें

                                                                                                                                                                      

सार्वजनिक वितरण प्रणाली हेतु गठित निगरानी समिति

1.       सार्वजनिक वितरण प्रणाली में नियंत्रण रखने हेतु कितने स्तर पर निगरानी समिति का गठन किया गया है ?

उत्तर-    सार्वजनिक वितरण प्रणाली में नियंत्रण रखने हेतु त्रि-स्तरीय निगरानी समिति गठन किया गया है- जिला स्तरीय निगारी समिति, विकासखण्ड स्तरीय निगरानी एवं उचित मूल्य दुकान स्तरीय निगरानी समिति का गठन किया गया है ।

2.       जिला स्तर पर गठित निगरानी समिति में कौन-कौन अध्यक्ष एवं सदस्य होते हैं?

उत्तर-    जिला स्तर पर निम्नानुसार समिति गठित किया गया है -

1.       अध्यक्ष   -        जिले के प्रभारी मंत्री पदेन अध्यक्ष

2.       सदस्य   -        1. जिला पंचायत के अध्यक्ष

2. जिला पंचायत के (02 सदस्य) जिसमें एक सदस्य अनुसूचित जाति अथवा जनजाति का हो।

                                                  3. महिला (02 सदस्य)

                                                  4. बी.पी.एल./अन्त्योदय कार्डधारी (02 सदस्य)

5. राज्य सलाहकार के नामांकित प्रतिनिधि (01 सदस्य)

6. खाद्य नियंत्रक/खाद्य अधिकारी

7. उप पंजीयक/सहायक पंजीयक, सहकारी समितियां

8. जिला प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम

9. प्रतिनिधि, भारतीय खाद्य निगम(01 सदस्य)

10. आयल कंपनियों के प्रतिनिधि (01 सदस्य)

3.       सदस्य सचिव-     कलेक्टर

3.       जिला स्तरीय निगरानी समिति का बैठक कब-कब होता है ?                                                                                

उत्तर-    राज्य शासन द्वारा जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक माह में एक किए जाने के निर्देश हैं ।   

4.       जिला स्तरीय निगरानी समिति के क्या-क्या कार्य हैं ?

उत्तर-    जिला स्तरीय निगरानी समिति द्वारा जिले में संचालित सार्वजनिक वितरण प्रणली की समीक्षा के साथ-साथ निम्नानुसार कार्य किए जाते हैं -

1.       सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं एवं खुले बाजार में नियमित उपलब्धता एवं मूल्यों में समुचित स्थिरता बने रखने हेतु निगरानी रखना ।

2.       जिले को आबंटित खाद्यान्न शक्कर, नमक एवं केरोसिन उठाव एवं हितग्राहियों को वितरण की समीक्षा ।

3.       सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सुदृढीकरण एवं खाद्य सुरक्षा के नेटवर्क के विस्तार हेतु सुझाव ।

4.       जन केरोसिन परियोजना का आवधिक समीक्षा एवं केरोसिन वितरण व्यवस्था में सुधार एवं दुरूपयोग पर की जा रही कार्यवाही की समीक्षा ।

5.       दुकान संचालन हेतु भवन, अभिलेखों का संधारण तथा प्रशिक्षण हेतु सुझाव ।

6.       अधीनस्थ निगरानी समितियों से प्राप्त प्रस्ताव का निराकरण ।

7.       राशनकार्डधारियों की जानकारी हेतु खाद्यान्न की पात्रता एवं मूल्यों की जानकारी हेतु पर्याप्त प्रचार-प्रसार एवं उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण हेतु आवश्यक व्यवस्था करना ।

8.       उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए सूचना के अधिकार का प्रचार प्रसार करना।

5.       विकासखण्ड स्तर पर गठित निगरानी समिति में कौन-कौन अध्यक्ष एवं सदस्य होते हैं ?

उत्तर-    विकासखण्ड स्तर पर निम्नानुसार समिति गठित किया गया है -

1.       अध्यक्ष   -        जनपद पंचायत अध्यक्ष

2.       सदस्य   -        1. स्थानीय, नगर पालिका अध्यक्ष

2. जिला पंचायत के (02 सदस्य) जिसमें एक सदस्य अनुसूचित जाति अथवा जनजाति का हो।

                                                  3. महिला (02 सदस्य)

                                                  4. बी.पी.एल./अन्त्योदय कार्डधारी (02 सदस्य)

5. सहायक खाद्य अधिकारी

6. प्रदाय केन्द्र प्रभारी, नागरिक आपूर्ति निगम

3.       सदस्य सचिव-     अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व)

6.       विकासखण्ड स्तरीय निगरानी समिति की बैठक कब-कब होती है ?

उत्तर-    राज्य शासन द्वारा विकासखण्ड स्तरीय निगरानी समिति की बैठक माह में एक बार किए जाने के निर्देश हैं ।

7.       विकासखण्ड स्तरीय निगरानी समिति के क्या-क्या कार्य हैं ?                                                                                    

उत्तर-    विकासखण्ड स्तरीय निगरानी समिति द्वारा जिले में संचालित सार्वजनिक वितरण प्रणली की समीक्षा के साथ-साथ निम्नानुसार कार्य किए जाते हैं -

1.       सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं एवं खुले बाजार में नियमित उपलब्धता एवं मूल्यों में समुचित स्थिरता बने रखने हेतु निगरानी रखना ।

2.       जिले को आबंटित खाद्यान्न शक्कर, नमक एवं केरोसिन उठाव एवं हितग्राहियों को वितरण की समीक्षा ।

3.       सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सुदृढीकरण एवं खाद्य सुरक्षा के नेटवर्क के विस्तार हेतु सुझाव ।

4.       जन केरोसिन परियोजना का आवधिक समीक्षा एवं केरोसिन वितरण व्यवस्था में सुधार एवं दुरूपयोग पर की जा रही कार्यवाही की समीक्षा ।

5.       दुकान संचालन हेतु भवन, अभिलेखों का संधारण तथा प्रशिक्षण हेतु सुझाव ।

6.       उचित मूल्य दुकान स्तर से प्राप्त प्रस्ताव का निराकरण ।

7.       राशनकार्डधारियों की जानकारी हेतु खाद्यान्न की पात्रता एवं मूल्यों की जानकारी हेतु पर्याप्त प्रचार-प्रसार एवं उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण हेतु आवश्यक व्यवस्था करना ।

8.       उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए सूचना के अधिकार का प्रचार प्रसार करना।

8.       उचित मूल्य दुकान स्तर पर गठित निगरानी समिति में कौन-कौन अध्यक्ष एवं सदस्य होते हैं ?                       

उत्तर-    उचित मूल्य दुकान स्तर पर निम्नानुसार समिति गठित किया गया है -

1.       अध्यक्ष   -        ग्रामीण क्षेत्र में स्थित दुकान के लिए सरपंच एवं शहरी क्षेत्र

में स्थित दुकान के लिए वार्ड का पार्षद ।

2.       सदस्य   -        1. पंच (02 सदस्य) जिसमें एक सदस्य अनुसूचित जाति

अथवा जनजाति का हो।

                                                  2. महिला (02 सदस्य)

                                                  3. बी.पी.एल./अन्त्योदय कार्डधारी (02 सदस्य)

4. क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता (02 सदस्य)

5. शासकीय कर्मचारी (01 सदस्य)

3.       सदस्य सचिव-     1. पंचायत सचिव, ग्रामीण क्षेत्र के दुकान के लिए ।

                                                  2. शहरी क्षेत्र के दुकान के लिए संबंधित क्षेत्र के खाद्य

निरीक्षक।

9.       उचित मूल्य दुकान स्तरीय निगरानी समिति का बैठक कब-कब होता है ?

उत्तर-    राज्य शासन द्वारा उचित मूल्य दुकान स्तरीय निगरानी समिति की बैठक माह में एक बार किए जाने के निर्देश हैं ।

10.      उचित मूल्य दुकान स्तरीय निगरानी समिति के क्या-क्या कार्य हैं ?                                                                            

उत्तर-    उचित मूल्य दुकान स्तरीय निगरानी समिति द्वारा जिले में संचालित सार्वजनिक वितरण प्रणली की समीक्षा के साथ-साथ निम्नानुसार कार्य किए जाते हैं -

1.       सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं एवं खुले बाजार में नियमित उपलब्धता एवं मूल्यों में समुचित स्थिरता बने रखने हेतु निगरानी रखना ।

2.       दुकान को आबंटित खाद्यान्न शक्कर, नमक एवं केरोसिन उठाव एवं हितग्राहियों को वितरण की समीक्षा ।

3.       सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सुदृढीकरण हेतु वैकल्पिक सुझाव को खण्ड स्तरीय निगरानी समिति को अग्रेषित करना ।

4.       जन केरोसिन परियोजना का आवधिक समीक्षा एवं केरोसिन वितरण व्यवस्था में सुधार एवं दुरूपयोग पर की जा रही कार्यवाही की समीक्षा ।

5.       सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सुदृढीकरण एवं खाद्य सुरक्षा के वर्तमान अधोसंरचना में उत्तरोतर सुधार हेतु आवश्यक सुझाव शासन को उपलब्ध कराना । 

6.       राशनकार्डधारियों की जानकारी हेतु खाद्यान्न की पात्रता एवं मूल्यों की जानकारी हेतु पर्याप्त प्रचार-प्रसार एवं उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण हेतु आवश्यक व्यवस्था करना ।

7.       उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए सूचना के अधिकार का प्रचार प्रसार करना।

11.      निगरानी समितियों के नामांकित सदस्यों के नाम की सूची किसके द्वारा भेजा जाता है ?

उत्तर-    नामांकित सदस्यों की सूची जिले के प्रभारी मंत्री द्वारा भेजा जाता है ।

12.      निगरानी समितियों की बैठक कौन बुलाता है ?

उत्तर-    निगरानी समितियों के बैठक सदस्य सचिव द्वारा बुलाई जाती है ।